दिल की दास्तान (Hindi Poem)

This is the first time I am attempting lines in Hindi, with a Pen Name “आदि”. Must admit, I had forgotten how to write some of the Hindi letters… as haven’t written anything in Hindi since about 2 decades now. I hope you’ll enjoy this.

खामोश दीवारें मकानों में

भीगे नैन अनकहे अफ्सनो में

काँच कि खिड़की बस हिली थी थोड़ी

दिल चूर से टूटा तूफानों में

 

दिल काट के भेजा पैगामो में

कहूँ मन की बात अंजानो में

भूल गए सब रास्ता यहाँ का

तेरी आह ना आयी ज़मनो में

 

क्यूँ “आदि” दरवाजे के पास खड़ा है

उठा ले जो ये बचा हुआ दिल पड़ा है

और छोड़ आ जहाँ जल रही उसकी चीता है

डूबा रहूंगा तेरे अह्सानो में

                                            – आदित्य “आदि” सिंग्ला (17-Mar ’14)

Types using phonics typing section of this.

English Script and Translation below

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